बदमाशों की ऑनलाइन पेशी से पुलिस की मुश्किलें हुई आसान, सड़कों पर उतरकर जरूरतमंदों की सेवा करेगी पुलिस

दैनिक राईट बुलेटिन रुड़की

कोराना संक्रमण के चलते छोटे बड़े बदमाशों की जेल से हो रही ऑनलाइन पेशी ने पुलिस की राह आसान कर दी बदमाशों की पेशी में लाने लेजाने से लेकर कोर्ट में पैरोकारी और समन तामिल करने में लगे जिले के सौ से अधिक पुलिसकर्मी अब थानों में पहुंच गए हैं।

यह पुलिसकर्मी अब लोगों को कोरोना से बचाने के लिए सड़कों पर ड्यूटी करते नजर आएंगे जिले के कई बदमाश रुड़की और प्रदेशों की विभिन्न जेलों में बंद है। इनमें कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि से लेकर नरेंद्र वाल्मीकि और कुख्यात चीनू पंडित शामिल है। वहीं पश्चिमी उप्र के कुख्यात बदमाश सुनील राठी का भी जिले में काफी दबदबा रहा है। सुनील राठी समेत सभी छोटे बड़े बदमाशों की रुड़की कोर्ट में पेशी होती है। बदमाशों को कोर्ट तक ले जाने का जिम्मा जिले की गारद पर होता है। कभी जिले में तो कभी जिले के बाहर गारद जाते है, लेकिन प्रदेश में 23 मार्च के बाद लॉकडाउन के चलते अब कोर्ट में बदमाशों की ऑनलाइन पेशी हो रही है। साथ ही, ऑनलाइन रिमांड लिया जा रहा है सबकुछ ऑनलाइन होने से गैंगवार की आशंका भी कम हो गई है हत्या से लेकर लूट और चोरी के मामले में जेल में बंद आरोपितों के अधिवक्ता जमानत के लिए भी ऑनलाइन आवेदन कर रहे है। कोर्ट से जमानत को लेकर संबंधित थाने से रिपोर्ट मांगी जा रही है। पुलिस की तरफ से जमानत का विरोध करने के लिए होने वाला पत्रचार अब ईमेल से किया जा रहा है। पुलिस अपने ईमेल अकाउंट से सरकारी वकील के पास अपनी रिपोर्ट भेज रही है। एसपी देहात एसके सिंह का कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते अब ऑनलाइन पेशी होने  से कोर्ट में पैरोकारी करने वाले पुलिसकर्मी थाने आ गए है। जिससे इन पुलिसकर्मियों को कोरोना की ड्यूटी में लगाया गया है।

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